नई दिल्ली: भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहला चरण मकान सूचीकरण (House Listing) अभियान के साथ शुरू होगा और इस दौरान शहर के सभी स्ट्रक्चर, घरों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
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NDMC मे 16 अप्रैल से 15 मई तक की समय सीमा
नारायण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह प्रक्रिया 30-30 दिनों के दो अलग-अलग चरणों में होगी। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगी, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में इस प्रक्रिया के लिए 16 मई से 15 जून तक की तारीख तय की गई है।
NDMC और दिल्ली कैंट क्षेत्रों के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी, जबकि एमसीडी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लोगों को यह सुविधा एक मई से 15 मई तक मिलेगी। नारायण ने कहा कि नागरिकों के पास स्व-गणना का विकल्प होगा, जहां वे स्व-गणना वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करके सभी जानकारी मुहैया कराएंगे और उसके बाद 16 अंकों का कोड मिलेगा। उन्होंने कहा, ''यह कोड जनगणना अधिकारी के साथ तब शेयर करना होगा जब वह घर-घर जाकर जनगणना करेगा। अधिकारी स्वयं व्यक्ति द्वारा डिजिटल रूप से साझा की गई जानकारी का सत्यापन करेगा। नागरिक इस चरण में आवश्यक सुधार कर सकते हैं। सत्यापन के बाद, जानकारी जमा कर दी जाएगी।''
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची और आवास की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी। पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसमें जनगणना करने वाले कर्मचारी जानकारी एकत्र करने के लिए अपने फोन पर इस उद्देश्य के लिए बनाए गए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान लोगों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, घर के मुखिया के बारे में जानकारी, जैसे कि नाम और लिंग, और स्वामित्व की स्थिति के बारे में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
ये सवाल भी पूछे जाएंगे
इस संबंध में 22 जनवरी को जारी राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, जनगणना करने वाले अधिकारी परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुविधा और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधा की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मुख्य ईंधन के बारे में भी पूछेंगे। जानबूझकर जनगणना 2027 के दौरान 'कोई भी आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न' पूछने का दोषी पाए जाने पर उक्त अधिकारी को तीन वर्ष तक कारावास की सजा का सामना करना पड़ सकता है।